केजरीवाल ने दिए संकेत: दिल्ली में नहीं मिलेगी लॉकडाउन छूट 27 को होगी समीक्षा

पूरे भारत में जहा कोरोना का कहर जारी है वही दिल्ली में भी हर रोज कोरोना के मरीजों की संख्या में वृद्धि हो रही है। मुख्यमंत्री केजरीवाल ने दिल्ली में पूरी कोशिश की है की कोरोना के प्रभाव को कम किया जाये। इसके साथ साथ जो लोग दिल्ली में रह रहे है उनकी खाने पीने की व्यवस्था आचे से हो इसका भी पूरा ध्यान रखा गया है। दिल्ली में जिन लोगो को मेडिकल सहायता की आवश्यकता है उन्हें भी तत्काल सुविधा मोहैया करवाई जा रही है। इन सब के बावजूद दिल्ली में कोरोना का कहर जारी है और लोगो से घरो में रहने की अपील की जा रही है।

मरकज़ है बहुत बड़ी वजह

दिल्ली में हालात बिगड़ने की सबसे बड़ी वजह है हज़रत निज़ामुद्दीन के मरकज़ में तब्लिकी ज़मात के लोगो के इकठ्ठा होना और लॉकडाउन का पालन नहीं करना। तब्लिकी ज़मात के लोगो ने पुरे देश में संक्रमण को फ़ैलाने में अहम् भूमिका निभायी है और वही उन्होंने लापरवाही भी की। इन लोगो ने अपनी जान को जोखिम में डाला लेकिन इसके अलावा सेकड़ो लोगो को भी कोरोना प्रभावित बना दिया। इस तरह के लोगो ने दिल्ली के हालत को बेकाबू बना दिया जबकि इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाना था।

कोरोना के मरीजों में नहीं हुई कमी

एक तरफ जाना दिल्ली में केजरीवाल और उनकी टीम पूरी तरह से इस कोशिश में है की लोगो को जल्द से जल्द इस महामारी के प्रभाव से बाहर निकला जाए वही दूसरी तरफ ये बीमारी तेज़ी से अपनी पकड़ मजबूत करती जा रही है। दिल्ली में कोरोना के मरीज़ ठीक भी हुए है लेकिन उनकी तुलना में नए रोगियों की संख्या में वृद्धि होती जा रही है।

जरुरत है अभी लॉकडाउन पालन की

इसी बिच ये अटकले लगाई जा रही थी की केजरीवाल 20 अप्रैल से लॉकडाउन में कुछ छूट दे सकते है लेकिन ऐसा हुआ नहीं। केजरीवाल ने कहा की दिल्ली में बढ़ रहे कोरोना केस की वजह से कोई छूट नहीं दी जाएगी बल्कि 27 अप्रैल को समीक्षा की जाएगी की आगे की नीति क्या होगी। लेकिन इसके साथ ही ये कहा जा सकता है दिल्ली में अभी स्तिथि सामान्य नहीं है।

निष्कर्ष:

दिल्ली में मुख्यमंत्री केजरीवाल ने स्पष्ट तौर पर ये कह दिया है की लॉकडाउन में किसी तरह की ढील नहीं दी जाएगी और कुछ दिन बाद इस पर विचार किया जाएगा। दिल्ली में प्रतिदिन कोरोना मरीजो की संख्या में इज़ाफा हो रहा है।

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