कुछ शब्द जिनको हिंदी में कुछ और ही कहा जाता है

भाषा एक ऐसा माध्यम है जिसके द्वारा हम अपने विचारों और भावनओं को एक दूसरे के साथ व्यक्त कर पाते हैं और दूसरे की बात समझ पाते हैं। यूँ तो भारत के लोगों द्वारा आमतौर पर हिंदी भाषा का प्रयोग किया जाता है लेकिन आज के इस युग में जब अंग्रेजी भाषा का उपयोग बहुत प्रचलित हो चला है, हिंदी भाषा में भी अंग्रेजी के शब्द का प्रयोग बहुत साधारण हो चला है। अपनी रोज़ की दिनचर्या में ऐसे बहुत से शब्द हम काम में लाते हैं जो अंग्रेजी भाषा से आये हैं। और नौबत यहाँ तक आ चुकी है कि लोगों को उन शब्दों का हिंदी में सही अर्थ पता तक नहीं है और अगर आप उनसे उन शब्दों में बात करेंगे भी तो, या तो आप को कोई बहुत विचित्र समझेंगे या फिर वो आपसे बात तक करने से परहेज़ कर सकते हैं। आज हम कुछ ऐसे ही शब्दों का अर्थ समझने का प्रयास करेंगे जिनका अर्थ आमतौर पर आपको नहीं पता होगा। ये वो शब्द हैं जो आज इतने ज्यादा आम हो चुके हैं कि ज्यादातर लोग समझते हैं कि वो हिंदी के ही शब्द हैं। तो आईये नजर डालते हैं कुछ ऐसे ही शब्दों पर जिन्हें हिंदी शब्द समझा जाता है।

मोबाइल

भारत में बहुत कम घर ऐसे हैं जहाँ आज मोबाइल ना हो। शहरो में ये बच्चों के पास भी देखने को बहुत आसानी से मिल जाता है। आज अगर हम घर बैठे किसी भी दूर के सम्बन्धी से बात कर पातें हैं तो वो इसी मोबाइल के कारण संभव हो पाया है। चाहे कोई कितना भी पढ़ा लिखा हो या बिलकुल अनपढ़ हर कोई इसको मोबाइल के नाम से ही जानता है। लेकिन हिंदी में इसका कुछ और अर्थ है। हिंदी में इस डिवाइस को सचल दूरभाष यंत्र कहा जाता है। देखा दोस्तो है ना बहुत ही अजीब सा नाम।

लाउडस्पीकर

आप सभी ने लाउडस्पीकर को देखा और सुना तो जरुर होगा। यह एक ऐसा यंत्र है जिसके द्वारा आप आवाज़ को तेज़ कर सकते हो। कोई भी भाषण या घोषणा करने के लिए इसी डिवाइस को काम में लिया जाता है जिससे ज्यादा से ज्यादा लोगों तक अपनी बात को बिना ज्यादा मेहनत और पैसे खर्च किये पहुँचाया जा सके । परन्तु इसे भी हिंदी में किसी और नाम से ही जानते हैं. लेकिन आम भाषा में वो नाम शायद ही कोई जानता होगा। इस यंत्र को हिंदी में ध्वनि विस्तारक यंत्र के नाम से जाना जाता है। ध्वनि विस्तारक का अर्थ ही है आवाज़ का विस्तार करना।

टोर्च

जब भी कहीं अँधेरा होता है या घर में बिजली नहीं होती तो सबसे पहले हमारे मन में टोर्च का ही ख्याल आता है। ये डिवाइस सेल से चलता है और अँधेरा होने पर रौशनी देता है। लेकिन बहुत मुश्किल है कि किसी को इस डिवाइस का हिंदी में अर्थ पता हो। हिंदी में इसका मतलब है मशाल या फिर प्रकाश दंडिका। मशाल के बारे में तो आप सभी ने सुना ही होगा। पुराने ज़माने में मशाल को आग से जलाया जाता था लेकिन इस ज़माने में इसे बिजली से जलाया जाता है। प्रकाश दंडिका से मतलब है एक ऐसी दंडिका (टहनी) जिससे प्रकाश निकलता हो।

साइकिल

आज से कुछ साल पहले जब कार या स्कूटर का प्रयोग काफी कम हुआ करता था तो साइकिल बहुत से लोगों का हवाई जहाज़ हुआ करती थी। बड़ों से लेकर बच्चों तक को साइकिल पर घूमने में आज भी बहुत मजा आता है। बहुत से खिलाडी लोग साइकिल का इस्तेमाल अपनी सेहत बनाने के लिए करते देखे जा सकते हैं। और सामान्यतः लोग इसको इसी नाम से जानते हैं लेकिन असल में इसको हिंदी में द्विचक्र वाहिनी कहा जाता है। द्विचक्र से इसका अभिप्राय दो पहियों से है क्योंकि साइकिल में दो पहियों का ही प्रयोग होता है।

कंप्यूटर

आज के इस युग में चाहे आपको कुछ और आता हो या ना आता हो लेकिन कंप्यूटर तो चलाना आना ही चाहिए। ये एक ऐसा यंत्र है जिसके बिना आज मानव की जिंदगी अधूरी है। हर व्यक्ति को किसी ना किसी तरह से जीवन में इसकी जरूरत पड़ती ही है। और शहरो में तो इंसान इसका गुलाम ही हो चुका है। लेकिन ये चीज़ है ही इतने काम की। आप इस पर कुछ भी कर सकते हैं लोगों से बात किसी भी तरह का लिखने का काम और भी बहुत कुछ। लेकिन हिंदी में इसको संगणक के नाम से जाना जाता है।

टेलीविज़न

इन्सान की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में फुरसत के कुछ पल बिताने के लिए, टेलीविज़न एक बहुत ही अच्छा माध्यम है। इस पर आप विश्व जगत की कोई भी खबर, फ़िल्में या और भी बहुत कुछ घर बैठे देख सकते हैं। तो जाहिर है ये बहुत ही काम की चीज़ है लेकिन हम जैसे लोग इसे आज भी टेलीविज़न के नाम से ही जानते हैं। हिंदी में इसका अर्थ मुश्किल से ही किसी को पता होगा। हिंदी में टेलीविज़न को दूरदर्शन कहा जाता है। दूरदर्शन का अर्थ होता है कि दूर की चीजों के दर्शन करना।

रिक्शा

हम सभी ने कभी ना कभी रिक्शा की सवारी की होगी। बच्चे इसकी सवारी करके बहुत खुश होतें हैं और अगर दूरी छोटी हो तो ये एक सबसे सस्ता और अच्छा साधन साबित होता है। लेकिन रिक्शा वाले से लेकर के कोई भी आम आदमी को इसका हिंदी में अर्थ नही पता होता। हिंदी में रिक्शा को त्रिचक्र वाहन कहा जाता है। त्रिचक्र से इसका मतलब तीन पहियों से है। तीन पहियों से आप समझ ही सकते हैं कि ये साधन तीन पहियों पे चलता है। अब कभी भी आप रिक्शा वाले को इस नाम से बुला कर देखना।

एयरोप्लेन

बच्चे बहुत ही खुश होकर एयरोप्लेन को देखते हैं और उनसे सुना भी जाता है कि वो एक दिन इसमें बैठेंगे। भारत में यूँ तो आज भी एयरोप्लेन की सवारी एक बहुत ही महंगी चीजों में से एक मानी जाती है। लेकिन इसे हिंदी में हवाई जहाज़ के नाम से भी जाना जाता है और कहा जाता है कि हिंदी का ही शब्द है ये लेकिन असल में हिंदी में इसका कुछ और ही अर्थ है। हिंदी में इसे वायुयान कहते हैं। वायुयान अर्थात जो यान वायु में चले। तो अब तो आपको बहुत से शब्दों के हिंदी में अर्थ पता चल गये होंगे। कभी इस्तेमाल करके जरुर देखना।

Leave a Reply

Your email address will not be published.


*